कोई किसी का नहीं | मन को इतना सुंदर बनालो

कोई किसी का नहीं | मन को इतना सुंदर बनालो

कोई किसी का नहीं | मन को इतना सुंदर बनालो एक बार ही मिलती है जिंदगीकभी धूप कभी छाँव है जिंदगीक्यों डरते हो जिंदगी सेज़िंदादिली से जियो जिंदगी।— Anita Gupta ज़िंदगी एक खुबसूरत पल है,इसे … Read more

जब सारी दुनिया मेरी | मौके का फ़ायदा | समय और ज़रूरत बदलते | हकीकत से रूबरू हुए तो

जब सारी दुनिया मेरी | मौके का फ़ायदा | समय और ज़रूरत बदलते | हकीकत से रूबरू हुए तो

जब सारी दुनिया मेरी | मौके का फ़ायदा | समय और ज़रूरत बदलते | हकीकत से रूबरू हुए तो आज सब मुझे ठुकराते हैंघृणा से देखते हैंपर एक दिन आएगाजब मैं कुछ बन जाऊंगाऔऱ सारी … Read more

तारों भरी रात है | जिसका हृदय विशाल हो | अंदर का सन्नाटा बोले | खुद को अपनाना सीखो

तारों भरी रात है | जिसका हृदय विशाल हो | अंदर का सन्नाटा बोले | खुद को अपनाना सीखो

तारों भरी रात है | जिसका हृदय विशाल हो | अंदर का सन्नाटा बोले | खुद को अपनाना सीखो रात रहती अंधेरीतारे भी अनगिनतमनदीप जले बसनिरंतर अनवरत— Sarvesh Kumar Gupta आओ न! तुम्हारा ही है … Read more

हर समस्या का समाधान | यूँ ही खयाल आया | खुद से मोहब्बत करके देखो | 

हर समस्या का समाधान | यूँ ही खयाल आया | खुद से मोहब्बत करके देखो | 

हर समस्या का समाधान | यूँ ही खयाल आया | खुद से मोहब्बत करके देखो |  हर किसी में हो ऐसा संतुलन,रहे सही दिशा और सही निर्देशन।– Sarvesh Kumar Gupta Khula aasmaan urte panchhiShant watavaran … Read more

ख़्वाहिशों से भरा बैग | नन्हे मन की दुनिया में | जीवन जादू का बक्सा

ख़्वाहिशों से भरा बैग | नन्हे मन की दुनिया में | जीवन जादू का बक्सा

ख़्वाहिशों से भरा बैग | नन्हे मन की दुनिया में | जीवन जादू का बक्सा छोटी छोटी बातों पर खुश हो लीजिये,ख़्वाहिश, ख़्वाब को तुम सजा लीजिये,रखिए सदा पास ख़्वाहिशों से भरा बैग,अधूरी आशाओं को … Read more

मन हमको छल जाता है | हुनर बेकार नहीं जाता  

मन हमको छल जाता है | हुनर बेकार नहीं जाता  

मन हमको छल जाता है | हुनर बेकार नहीं जाता चारों तरफ छाई है हरियालीशांति की लहर है लहराईऐसे में किताब पढ़ना लगे बड़ा ही प्यारातभी तो….किताब की लेखनी में है खोईभूल गई जमाना सारी … Read more

ज़िंदगी भर काम आया | हमारी प्यारी हिन्दी भाषा | अपनी राह पर ख़ुद चलना है

ज़िंदगी भर काम आया | हमारी प्यारी हिन्दी भाषा | अपनी राह पर ख़ुद चलना है

ज़िंदगी भर काम आया | हमारी प्यारी हिन्दी भाषा | अपनी राह पर ख़ुद चलना है रास्ते की ठोकरेंबड़ों की नसीहतेंमाँ बाप का प्यारजिंदगी भर काम आया– Sarvesh Kumar Gupta उच्च शिक्षाकाम करने की लगनऔऱ … Read more

संकोच है किस बात का | जाना पहचाना लगता है

संकोच है किस बात का | जाना पहचाना लगता है

संकोच है किस बात का | जाना पहचाना लगता है यह कभी भी कम सच नहीं है कि यह मुश्किल दिनों में से एक है, हम उन चीजों पर काम करने की कोशिश करते रहते … Read more