ऐसी होती है यह बेटियां / What Are Daughters Made Up Of

ऐसी होती है यह बेटियां

ऐसी होती है यह बेटियां / What Are Daughters Made Up Of घर की रौनक होती है यह बेटियां मां की परछाई और पिता का गुरुर होती है यह बेटियां उसके हसने से हंस देता है संसार उसके…

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Zindagi Ka Sabak | ज़िन्दगी का सबक

zindagi ka sabak ज़िन्दगी का सबक

Zindagi Ka Sabak | ज़िन्दगी का सबक सीखा है ज़िन्दगी का सबक कुछ इस तरह, अपनों ने दिए जख्म और मलहम गैर लगा रहे हैं, ता-उम्र के वादे करके दो पल साथ बैठने की गुजारिश भी नहीं, किसको…

ek dost hai bhoola bhataka sa | एक दोस्त है भूला भटका सा

ek dost hai bhoola bhataka sa एक दोस्त है भूला भटका सा

ek dost hai bhoola bhataka sa | एक दोस्त है भूला भटका सा एक दोस्त है भूला भटका सा, एक दोस्त है प्यारा प्यारा सा…. खो गई कहीं उसकी हंसी, क्या कोई ढूंढेगा कहीं…? शायद कहीं भूल आई…

अतिथि Post: Kumar Harsh, बोतल भरके सपने

अतिथि Post Kumar Harsh, बोतल भरके सपने

अतिथि Post: Kumar Harsh, बोतल भरके सपने तराज़ू मैं तोले थे आज सोने के कुछ सिक्के उसने, आसमान सिर पे था, पैर ज़मीन पर मेरे, घर आया एक नन्हा सा सपना था, क़ैद कर लिया बोतल मैं मैंने…

सजदे किये इस दिल ने, इबादत की तेरी….

सजदे किये इस दिल ने, इबादत की तेरी

  सजदे किये इस दिल ने, इबादत की तेरी…. आज पता चला के कमबख्त हमारे सीने में भी एक दिल है, वरना लोगों ने तो यकीन ही दिला दिया था के हम संगदिल हैं, हम तो मुफ्त ही…

अतिथि Post: Naresh Thadani-बैठे बैठे

अतिथि Post Naresh Thadani-बैठे बैठे

अतिथि Post: Naresh Thadani-बैठे बैठे बैठे बैठे बैठे बैठे मैं… इक खयाल बन जाता हूँ। जिसका कोई जवाब नहीं… मैं वोह सवाल बन जाता हूँ। नफरत और प्यार के बीच की उस डोर का मैं.. अदभुत बवाल बन…

अतिथि Post: Naresh Thadani, मोहब्बत ख़त्म हुई

अतिथि Post: Naresh Thadani, मोहब्बत ख़त्म हुई

अतिथि Post: Naresh Thadani, मोहब्बत ख़त्म हुई मोहब्बत ख़त्म हुई मोहब्बत ख़त्म हुई। प्यार का नज़राना अभी बाक़ी है यार का फ़साना अभी बाक़ी है। मोहब्बत ख़त्म हुई दिल का तड़पना अभी बाक़ी है रूह को जलाना अभी…

अतिथि Post: Sarita Pandey, आज की नारी

अतिथि Post: Sarita Pandey, आज की नारी बार-बार वही पर, हर बार नही सुनो ,ऐ दुनियावालोंं ये, अत्याचार इस बार नही। लड जाऊँँ तूफानोंं से, टकरा जाऊँँ चट्टानोंं से समझ जाओ, इतनी भी अब मैंं लाचार नही कर…