कोई किसी का नहीं | मन को इतना सुंदर बनालो

मन को इतना सुंदर बना लो, नहीं दिखे जिसमें कोई मैल
आकर भी कोई बता जो जाए ना तुम करना उससे वैर
चित सुंदर तो जग है सुंदर, सोच भी तब सुंदर होगा
इस रूप में बढ़े जो आगे, फिर क्या कोई गम होगा ।।
— Rani Nidhi Pradhan


मन को इतना सुंदर बना लो
कि इसका नूर रोशन कर दे पूरा जहां
अद्भुत धैर्य शान्ति निष्ठा से इसकी महके ये जहां
सब अपने नहीं कोई पराया जब मन हुआ सबका सुंदर एक
— Madhu Khare


मन की बात..
एक सुबह उठूंगा
और चल दूँगा।
विश्वास है मुझे!!
— Sarvesh Kumar Gupta


मन रूपी अद्भुत यंत्र में, कोई विचार गढ़ डालो
वीरान पड़ी जिंदगी को, फिर गुंजित कर डालो
बनो किसी उदास चेहरे की मुस्कुराहट
आलोकित कर उसका मन, तम को मिटा डालो
दूर हो हर कड़वाहट,मन को इतना सुंदर बना डालो !!
— Pushpa Pandey


मन को इतना सुन्दर बना लो कि
सब कुछ अच्छा ही नज़र आए
किसी की मुस्कुराहट का सबब बनो
दिल में सबके लिए प्यार ही प्यार नज़र आए।
— Anita Gupta


ये दुनिया बड़ी मतलबी है
यहाँ कोई किसी का नहीं
अकेले आए हैं
अकेले जाना है
— Anita Gupta


कहते हैं होता है कोई किसी का नहीं
पर गौर करो की क्या ये है सही ?
मैं तो मानती हूं
है किसी न किसी रूप में हम सबसे जुड़े
आते हैं वक्त पड़ने पर वे ही काम
फिर क्यों न हम कर दे इस बात को तमाम
” है कोई किसी का नहीं ।।
— Rani Nidhi Pradhan


ज़ज़्बातों को काबू में रखो, उम्मीदों को दरकिनार करो।
अपने ही बल पर अपने जीवन की नैया को पार करो।
इस रंग बदलती दुनिया में, बात सही है किसी ने कही।
कितना भी किसी को अपना बना लो,कोई किसी का नहीं।
— Amarjeet Kaur Matharou


कौन अपना या पराया
किससे कहूँ दिल में जो है
डर है कोई चुरा न ले
सपनों को मनन से इसके
— Sarvesh Kumar Gupta


झूठा है जग और झूठे है लोग,
कोई किसी का नही दोगले है लोग,
दर्द देने मे कुशल निराली कला भी,
वक्त के साथ कितने बदलते है लोग।।
— Rajmati Pokharna Surana

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