ज़िंदगी भर काम आया | हमारी प्यारी हिन्दी भाषा | अपनी राह पर ख़ुद चलना है

मुसाफिर को रास्ते के पत्थर
स्वयं हटाने होगे
अपनी मंजिल की तरफ
खुद ही कदम बड़ाने होगे।
– Simi Taneja Kalra


तितली स्वयं मुस्कराकर मिले
खिले मुस्कराते फूलों से
तितली को देख हम सभी
राह अपनी ही खुद चलें
– Sarvesh Kumar Gupta


अपनी राह पर खुद चलना है, जीवन अपने हाथ में है,
क्या आंधी और क्या तूफान, जब मंजिल अपने पास में है
अपनी राह पर बढ़े चलेंगे चूमेंगे अपनी मंजिल
मुझे देखकर सभी कहेंगे
” अपनी राह बनायेंगे”
– Rani Nidhi Pradhan


अपनी राह पर खुद चलना है
अपना चिराग खुद बनना है
अपना ख्याल खुद रखना है
अपना व्यक्तित्व खुद बनाना है
अपना अहंकार खुद मिटाना है
अपना है ये सारा ब्रह्मांड सबमें
अपना प्यार बांटना है
– Madhu Khare


सबकी अपनी अपनी जिन्दगी है,
अपनी अपनी जुदा कहानी,
अपने सपने,अपनी मंजिल,
अपनी अपनी राह है।
अपनी राह पर खुद चलना है,
तय करना है सफ़र अपना,
साथ किसी का मिले ना मिले,
अपनी राह पर चलना ही है।
मुश्किलों भरी राहों को आसान बना मंजिल तक जाना है,
राह में तय किये सफ़र का मज़ा भी उठाना है,
अपनी राह पर खुद ही चलना है।
अपनी राह औरों से अलग है,
यही तो हमें खास बनाती है,
इस दुनिया में हर शख्स ईक दूसरे से जुदा है ,
हमे यह याद दिलाती है,
मंजिल पर चाहे मिल जाएँ,
मगर अपनी राह पर हमे खुद चलना है।
– Veena Garg


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