तारों भरी रात है | जिसका हृदय विशाल हो | अंदर का सन्नाटा बोले | खुद को अपनाना सीखो

इक तरफ़ दो पीढ़ियां दूसरी और संसार,
दोनों ही देख रहे हैं उस ओर।
बच्चे के चेहरे पर कौतूहल,दादाजी रहे मुस्करा,
अपना अपना अनुभव ओर कौतूहल दिखाता उनका चेहरा।
कहते तो हैं बच्चा बूढ़ा एक समान,
बस उनको अलग करता है ये ज्ञान।
छोटा देखे अपना आगे वाला कल,
बडे ने देखा अपना गुजरा कल।
दोनो को ही वहाँ जाना है,जो दिख रहा उसे पाना है।
— Veena Garg


एक तरफ बचपन दूसरी तरफ बुढ़ापा
एक आने वाला कल देख रहा है
दूसरा बीता हुआ कल देख रहा है
पर नज़रिया दोनों का एक ही है
वो कहते हैं ना बच्चे बूढ़े एक बराबर।
— Anita Gupta


उम्मीदों के झरोखे से झाँकता है,
बचपन और बुढ़ापा।
एक की आँखों में सुबह की चमक है,
एक की आँखों में शाम की झलक है।
दोनों ही बेताब हैं एक नई शुरुआत के लिए।
— Kavita Prabha


जिसका हृदय विशाल हो
वो मसीहा होता है,
सबको अपना बना लेता है
दूसरों की परेशानियों को
दूर कर उनकी सहायता करता है।
— Anita Gupta


जिसका हृदय हो विशाल
वह नहीं रखता किसी के प्रति अपने मन में मलाल
चाहे कोई बुरा करे या अच्छा
उसको रहता सबका ख्याल
उसकी यही अदा बनाती उसके हृदय को विशाल।
— Ritu Jain


जिसका हृदय विशाल है
उसका जीवन खुशीयों से मालामाल है।
सहजता से बढ़ता रहता है वह जीवन में आगे,
नहीं किसी से रखता कोई मलाल है।
— Mamta Grover

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