तारों भरी रात है | जिसका हृदय विशाल हो | अंदर का सन्नाटा बोले | खुद को अपनाना सीखो

जिंदगी जियो तो इन प्रवासी परिंदों की तरह,
क्षितिज के इस पार हो या उस पार,
भविष्य की परवाह किए बिना
हर नईं जगह सजा ही लेते हैं मिल कर अपना घर संसार …
— Mamta Grover


काश इन पंछियोँ की तरह मानव में भी होता
एकता का समभाव, ठहरते भी एक साथ,रहते भी इक संग,
तरक्की की उडान भी भरते एक साथ।
—Veena Garg


जिन्दगी में कभी किसी से शिकायत न करो
पहले खुद के अन्दर झांको, खुद को पहचानो
खुद के कमी को स्वीकारो,
खुद के गुणों पर गौर करो
अर्थात….
पहले खुद को अपनाना सीखो
तब दुसरों पर नजर दौड़ाओ।।
— Manju Lata


खुद को अपनाना सीखो…
कांटों में रहकर जीना सीखो,
ठोकर खा कर चलना सीखो।
मत हारो किसी जंग में तुम
हारे भी हो तो क्या,
हर जंग में जितना सीखो।
कुछ नि:स्वार्थ कर्म तुम करना सीखो,
क्रोध कभी आ जाए तो क्रोध पे काबू पाना सीखो।
कर्तव्य जो है तुम्हारा देश के प्रति उन कर्तव्यों को निभाना सीखो।
खुद को अपनाना सीखो..
— Kunj Channe


खुद को बनाना सीखो
राहों को अपनी तराशना सीखो
मंजिल भी नजर आएगी
एक कदम तो बढ़ाना सीखो
कही न कही तो राह नजर आएगी
बस अपनी हिम्मत को बढ़ाना सीखो
खुद पर इख्तियार करना सीखो
खुद को अपनाना सीखो।।
— Shipra Bhagat Sachdeva


रंजिश ना रख तू खुद से कभी,
जीवन के कई रंग तुझे देखने हैं अभी
बीती बातों को भुला, तू मुस्कुराना तो सीख
अपनी पहचान बनाने से पहले तू
ख़ुद को अपनाना तो सीख!!
— Pushpa Pandey


CLASSICAL POEMS

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