ऐसी होती है यह बेटियां / What Are Daughters Made Up Of

ऐसी होती है यह बेटियां

ऐसी होती है यह बेटियां / What Are Daughters Made Up Of घर की रौनक होती है यह बेटियां मां की परछाई और पिता का गुरुर होती है यह बेटियां उसके हसने से हंस देता है संसार उसके रोने से बिखर जाता है घर परिवार खुशियां बिखेरती, जीना सिखाती है यह बेटियां ऐसी होती है … Read more ऐसी होती है यह बेटियां / What Are Daughters Made Up Of

ek dost hai bhoola bhataka sa | एक दोस्त है भूला भटका सा

ek dost hai bhoola bhataka sa एक दोस्त है भूला भटका सा

ek dost hai bhoola bhataka sa | एक दोस्त है भूला भटका सा एक दोस्त है भूला भटका सा, एक दोस्त है प्यारा प्यारा सा…. खो गई कहीं उसकी हंसी, क्या कोई ढूंढेगा कहीं…? शायद कहीं भूल आई हो, या फिर छिन गई कहीं, दुनिया के इस समंदर में, तैरना तो नहीं भूल गए कहीं…? … Read more ek dost hai bhoola bhataka sa | एक दोस्त है भूला भटका सा

सजदे किये इस दिल ने, इबादत की तेरी….

सजदे किये इस दिल ने, इबादत की तेरी

  सजदे किये इस दिल ने, इबादत की तेरी…. आज पता चला के कमबख्त हमारे सीने में भी एक दिल है, वरना लोगों ने तो यकीन ही दिला दिया था के हम संगदिल हैं, हम तो मुफ्त ही लुट गए तेरे इश्क में ऐ ज़ालिम, क्या पता था इस दिल को के तेरे तलबगार और … Read more सजदे किये इस दिल ने, इबादत की तेरी….

humein ruthon ko manana na aaya | हमें रुठों को मनाना ना आया

humein ruthon ko manana na aaya हमें रुठों को मनाना ना आया

humein ruthon ko manana na aaya | हमें रुठों को मनाना ना आया हमें रुठों को मनाना ना आया, बिगड़ी बात सवारना न आया, न करीब आ पाए न दूर जाना आया, रुलाया बस….किसी को हसाना ना आया, हमें रुठों को मनाना ना आया…. खुश रहकर भी खुशियाँ बांटना न आया, मोहब्बत भी की तो … Read more humein ruthon ko manana na aaya | हमें रुठों को मनाना ना आया

सिर्फ तू

सिर्फ तू

सिर्फ तू एक भीनी भीनी सी महक आज भी मेरे साँसों में है तेरे तसव्वुर का असर आज भी सलामत मेरे ज़ेहन में है… तड़प उठता है दिल, तुझे अक्सर तन्हाई में याद करके खामोश रहते हैं लब, ना बोले बेशक ये ज़रा लेकिन आँखों में तेरी हसरत आज भी समाए रहती है| ~०~ कहते … Read more सिर्फ तू

आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ

आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ

-रंजीता नाथ घई आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ… आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ  जब रखा था पहला कदम मैंने इस देहलीज़ पर….. मन में डर और एक अजीब  सी बेचैनी थी, नए थे गलियारे और नयी सी दीवारें थी,  थम सी जाती थी हँसी और कशमकश से जूझती थी, फिर दिखी … Read more आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ

एक सवाल

एक सवाल

एक सवाल उन्हें मस्रूफ़िअत से फुरसत नहीं हमें इंतज़ार की आदत सही गुज़र गया आज का दिन भी रोज़ की तरह ना उनको फुर्सत मिली ना ख़याल आया * बेइंतहा उन्हें चाहने की बेबसी मेरी कुछ किस्मत बुरी, तो कुछ वक्त ही बुरा सा है… याद करते नहीं, तो याद आते ही क्यूँ हो ख्यालों में … Read more एक सवाल

mann ki aarzoo | मन की आरज़ू

mann ki aarzoo मन की आरज़ू

mann ki aarzoo | मन की आरज़ू झूटी कसमें… टूटे वादे बिखरे ख्वाब, अधूरे सपने, नादान सी हसरतें, कुछ मचलती ख्वाहिशें; और फिर वही रंजिशें हैं| गुज़रे लम्हों और उम्मीदों की कश्ती पर सवार, अनंत ही तो हैं इस चंचल मन की आरज़ू… कभी रोकर तो कभी हँसकर ही सही, हर इलज़ाम हमने अपने सर … Read more mann ki aarzoo | मन की आरज़ू

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