छनक छनक बाजे पायल

छनक छनक बाजे पायल

रंजीता नाथ घई छनक छनक बाजे पायल छनक छनक छुम छुम छुम छुम छुम छनक छनक छुम छुम बाजे पायल मस्ती में जब मिलते हैं हम तुम | * संग मेरे तू पल पल हर पल फिर भी, ये दिल से तुझे बुलाती है याद तेरी मेरे दिल में आकर, एक हलचल सी मचा जाती है | * … Read more छनक छनक बाजे पायल

खोज/search

खोज Search

खोज खुद को ना खोजो तुम कागज की इन लकीरों में खोजना ही है तो मेरे दिल में खोजो बसे हो जहां तुम हसीन यादों में। खोजो खुद को मेरी आंखों में तुम रहते हो जहां एक मोती बनके बह न जाओ तुम अश्क के साथ कहीं इसीलिए जज्बातों को दबाए रखती हूं मैं। जिस … Read more खोज/search

इस मतलबी दुनिया में मैने रिश्तों को बदलते देखा है

मैने रिश्तों को बदलते देखा है

इस मतलबी दुनिया मेँ मैने रिश्तों को बदलते देखा है इस मतलबी दुनिया मेँ, मैने रिश्तों को बदलते देखा है दोस्तों को नहीं मैने तो इश्क को भी बिकते देखा है… क्यों खाते हैं  लोग कसमें जब उनहोने वादों को टूटते देखा है कुछ पाने के लिए अरमानों का गला घुटते देखा है, शायद इसे कहते … Read more इस मतलबी दुनिया में मैने रिश्तों को बदलते देखा है

अंत में अकेली मैं थी खड़ी

अंत में अकेली मैं थी खड़ी

अंत में अकेली मैं थी खड़ी अंत में अकेली मैं थी खड़ी… बेटा-बेटी, पोता-पोती और नातियों के बीच एक मैं भी खड़ी पर अफ़सोस तुम्हें कभी न दिखी बहु और बेटियों नें फर्क रखा तुमने हमेशा बड़ा झोली तुम्हारी हमेशा मैंने भरी और आगे तुमनें उनकी भरी अंत में अकेली मैं ही थी खड़ी| माँ-बहन … Read more अंत में अकेली मैं थी खड़ी

नदी के दो किनारे की तरह होते हैं कुछ रिश्ते

नदी के दो किनारे की तरह होते हैं कुछ रिश्ते

नदी के दो किनारे की तरह होते हैं कुछ रिश्ते थोड़े बेबुन्यादी, तो कुछ कच्चे-पक्के से होते हैं ये रिश्ते कुछ तूफानी, कुछ सरल थोड़े बेगानी, थोड़े मतलबी तो कुछ वक्त के साथ बदलते हैं ये रिश्ते नदी के दो किनारे की तरह होते हैं कुछ रिश्ते… कहीं गहरे, कहीं उथले कहीं ज़िन्दगी का मुख … Read more नदी के दो किनारे की तरह होते हैं कुछ रिश्ते

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