आकाश बहुत ऊँचा है और दूर बहुत हैं तारे

आकाश बहुत ऊँचा है और दूर बहुत हैं तारे

आकाश बहुत ऊँचा है और दूर बहुत हैं तारे आकाश बहुत ऊँचा है और दूर बहुत हैं तारे पर जब तुम पास होते हो मेरे तो सपने सच होते हैं सारे नभ का अँधेरा छट जाता है अधूरे…

हम अपने सपने में जीते मरते हैं

apne sapno mein हम अपने सपनों में जीते मरते हैं

हम अपने सपने में जीते मरते हैं हम अपने सपने में जीते मरते हैं पर ये तो हमारी किस्मत ही बताएगी कि कौन किसके पनाह में है… सपने होते हैं परछाई से जो रात ढ़लते आते हैं और दिन चढ़ते…