अपनी क्षमता को तो तुम जानो, हर एक दोस्त जरूरी होता है

अपनी क्षमता को तो तुम जानो | हर एक दोस्त जरूरी होता है

अपनी क्षमता को तो तुम जानो | हर एक दोस्त जरूरी होता है क्यों घबराते होक्यों हार मानते होएक कदम बढ़ाकरअपनी क्षमता को तो तुम जानो।– Anita Gupta नहीं कभी पथभ्रमित होनाआत्म साक्षात्कार करो,क्षण मात्र … Read more

अपने ‌मन से पूछो | मन की कोमलता मत खोना | खालीपन इस दुनिया का

अपने ‌मन से पूछो | मन की कोमलता मत खोना | खालीपन इस दुनिया का

अपने ‌मन से पूछो | मन की कोमलता मत खोना | खालीपन इस दुनिया का |  अपने ‌मन से पूछोकुछ भी करने से पहलेपर ये चंचल प्रकृति का हैइसे शान्त कर के ही पूछना होगाफिर … Read more

सच्चाई का सामना करना सीखो | तेरी चुप्पी बताती है | जो करीब होता है | अपने ‌मन से पूछो

सच्चाई का सामना करना सीखो | तेरी चुप्पी बताती है | जो करीब होता है | अपने ‌मन से पूछो

सच्चाई का सामना करना सीखो | तेरी चुप्पी बताती है | जो करीब होता है | अपने ‌मन से पूछो  सच्चाई का सामना करना सीखोसच्चाई का सामना करना सीखोअपनी स्वयं की पहचान बनाओं– Mukesh Bhatnagar … Read more

पृथ्वी के शरीर से उगता हुआ मस्ती से मन को बहलाना भीड़ में जब तन्हा, खुदको तुम पाओगे

पृथ्वी के शरीर से उगता हुआ | मस्ती से मन को बहलाना | भीड़ में जब तन्हा, खुदको तुम पाओगे

पृथ्वी के शरीर से उगता हुआ | मस्ती से मन को बहलाना | भीड़ में जब तन्हा, खुदको तुम पाओगे  पृथ्वी के शरीर से उगता हुआएक अद्भुत खूबसूरत दिव्य आकाशजिस में समाया पूरे ब्रह्मांड का … Read more

आईना कहता है | उम्र

आईना कहता है | उम्र

आईना कहता है | उम्र बढ़ती उम्र के साथमन बूढ़ा नही होताइच्छायें नही मिटतीसीखने की प्यास नही बुझतीइन बूढ़ी आँखों मेभले चश्मे की दीवार चढ़ गई होपर दुनिया से बेख़बर हो जाएँऐसी इनकी इच्छा नही … Read more

आशाएं | कहते हो वक्त नहीं है | ऐसे ही जिये जाने को दिल करता है

आशाएं | कहते हो वक्त नहीं है | ऐसे ही जिये जाने को दिल करता है

आशाएं |  कहते हो वक्त नहीं है | ऐसे ही जिये जाने को दिल करता है आशाओं के समंदर में चलो डूब चलें।नई उम्मीदों के पर लगा कर चलो उड़ चले।ज़िंदगी तो इम्तिहान लेती रहेगी-हार … Read more

तेरा मेरा नाता जैसे, tere mere naata jaise

तेरा मेरा नाता जैसे

तेरा मेरा नाता जैसे तेरे मेरे नाता जैसेजन्मों का नाताकहते अक्सर दम्पत्तिपर मैं कहताजहां नहीं है तानावहीं बनता है नाताताना बाना बनाए रखोजीवन में बहार लाए रखोयही है बस मेरा कहना-मुकेश भटनागर तेरा मेरा नाता … Read more

कुछ इस तरह बदली पहर ज़िंदगी की ,सरसों की शाख़ पर , एक पंखुड़ी उठाकर

कुछ इस तरह बदली पहर ज़िंदगी की | सरसों की शाख़ पर  | एक पंखुड़ी उठाकर

कुछ इस तरह बदली पहर ज़िंदगी की | सरसों की शाख़ पर  | एक पंखुड़ी उठाकर कभी नमकीन ,कभी मीठी,कभी खट्टी कभी कड़वी भी हो गई।कुछ इस तरह बदली पहर ज़िंदगी की।-इला पचौरी दहलीज दिल … Read more