साथी मेरे तू साथ चल

साथी मेरे तू साथ चल

साथी मेरे तू साथ चल रंजना मजूमदार सृजन मेरा यह गीत सबको साथ मिलकर चलने का संदेश देता है ।।। साथी मेरे तू साथ चलमिलकर मनाएंगे हलचलतन्हा न होगी सपनों की बस्तीजो हाथों में हाथ … Read more

तुझको चलना होगा

तुझको चलना होगा

तुझको चलना होगा सीमा शर्मा दुबे सृजन तुझको चलना होगा तुझको चलना होगाजिंदगी का सफर होगा मुश्किलों से भरायहाँ आंधी तूफान हर डगर पर खड़ातुझको चलना होगा तुझको चलना होगामत छोड़ना नाव मझधार बड़ी तेज … Read more

जिंदगी

जिंदगी

जिंदगी श्वेता जैन सृजन (A mother shaping her child )ज़िंदगी का यही है फलसफा बेटा!!रौनक- ए- बहार कभी, तोकभी रंजो- गम में पल बंटा ।खुशनुमा लहराती लहरसाहिल पाती …तो कभी खड़कती बिजलीयां-कहर बरसाती घटा।। ऊँचाईयो … Read more

इंकलाब , inkalaab

इंकलाब

इंकलाब by Mridula Singh इंकलाब की आग देश में खुदजलाकर चले गये वो बलिदानी | लिये आंखों में आजादी केहसीन सपने। अब हम उन सपनों को कम नहोने देगें । देश का मान ऊँचा रहे … Read more

क्यों इंकलाब जरूरी है

क्यों इंकलाब जरूरी है

क्यों इंकलाब जरूरी है -मुकेश भटनागर सृजन क्यों इंकलाब जरूरी हैआग जलाना क्या जरूरी हैक्या खून हो गया है ठंडाजगाना पड़े जो आग जलाकरउठो उठो नौजवानोंसस्ती नहीं मिली थी आजादीकीमत बड़ी चुकानी पड़ी थीइंकलाब बुलंद … Read more

क्या है जल

क्या है जल

क्या है जल कभी शांत कभी चंचल जलकभी उष्ण कभी शीतल है जल नित्य और नियामक है जलस्थिर झील कभी नदिया कलकल गागर जल खारा सागर जलकहीं हेय पेय ,कहीं पावन गंगा जल जल के … Read more

धरा भरी पड़ी है जल से

धरा भरी पड़ी है जल से

धरा भरी पड़ी है जल से -रेखा शर्मा सृजन धरा भरी पड़ी है जल से,फिर भी प्यासे हैं लोग। जल कुदरत का दिया बेशकीमती उपहार हैं,फिर भी बोतलों में भरकर बेची जाते हैं लोग। जल … Read more

मैं लिखती हूं क्योंकि, नीति जैन सृजन

मैं लिखती हूं क्योंकि

मैं लिखती हूं क्योंकि नीति जैन सृजन मैं क्यों लिखती हूं मैं लिखती हूं क्योंकिजब मेरे अहसास मैं छुपाना भी चाहती हूंऔर जताना भी चाहती हूं, तबकलम मेरा हाथ थामेएक कोरे से रास्ते पर चलता … Read more