अतिथि Post: Sarita Pandey, आज की नारी

अतिथि Post: Sarita Pandey, आज की नारी बार-बार वही पर, हर बार नही सुनो ,ऐ दुनियावालोंं ये, अत्याचार इस बार नही। लड जाऊँँ तूफानोंं से, टकरा जाऊँँ चट्टानोंं से समझ जाओ, इतनी भी अब मैंं लाचार नही कर लो भरोसा, “आज की नारी “हूँँ इतनी भी कमजोर नही,लगते लांंछन हर पल मर्यादाओंं का उल्लंंघन , … Read more

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