जीवन के परदे पर

जीवन के परदे पर

जीवन के परदे पर जीवन के परदे पर हम तुम खेल रहे हैं खेल शतरंज हो या चोर सिपाही सही गलत के फैसले का होगा सुन्दर मेल हर कदम पर लड़ना होगा हलकी सी चूक परकभ शय होगी तो कभी मौत कभी वज़ीर बन तो कभी मोहरा बन बंद होंठों से तिरछी हंसी हँसते चलेंगे … Read more जीवन के परदे पर

हम अपने सपने में जीते मरते हैं

apne sapno mein हम अपने सपनों में जीते मरते हैं

हम अपने सपने में जीते मरते हैं हम अपने सपने में जीते मरते हैं पर ये तो हमारी किस्मत ही बताएगी कि कौन किसके पनाह में है… सपने होते हैं परछाई से जो रात ढ़लते आते हैं और दिन चढ़ते लुप्त हो जाते हैं, पर जाते-जाते मन में एक अजीब सी कसक छोड़ जाते हैं कभी न … Read more हम अपने सपने में जीते मरते हैं

हर चुनौती को स्वीकारा है मैंने

कुछ इस तरह से तुझको जिया है मैने ऐ ज़िन्दगी

हर चुनौती को स्वीकारा है मैंने कुछ इस तरह से तुझको जिया है मैंने ऐ ज़िन्दगी कि तेरे हर रंग से मैने होली खेली है। कभी दोस्तों के साथ तो कभी अकेले ही मैने ये दुनिया टटोली है। कभी हँसकर, कभी हँसाकर  तो कभी रोकर तुझसे हर पल बेहद मुहब्बत की है। माना कि तेरा … Read more हर चुनौती को स्वीकारा है मैंने

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