अतिथि Post: Naresh Thadani, मोहब्बत ख़त्म हुई

अतिथि Post: Naresh Thadani, मोहब्बत ख़त्म हुई

अतिथि Post: Naresh Thadani, मोहब्बत ख़त्म हुई मोहब्बत ख़त्म हुई मोहब्बत ख़त्म हुई। प्यार का नज़राना अभी बाक़ी है यार का फ़साना अभी बाक़ी है। मोहब्बत ख़त्म हुई दिल का तड़पना अभी बाक़ी है रूह को जलाना अभी बाक़ी है। मोहब्बत ख़त्म हुई गिर के संभालना अभी बाकी है मुक़म्मल खड़ा रहना अभी बाक़ी है। … Read more अतिथि Post: Naresh Thadani, मोहब्बत ख़त्म हुई

mann ki aarzoo | मन की आरज़ू

mann ki aarzoo मन की आरज़ू

mann ki aarzoo | मन की आरज़ू झूटी कसमें… टूटे वादे बिखरे ख्वाब, अधूरे सपने, नादान सी हसरतें, कुछ मचलती ख्वाहिशें; और फिर वही रंजिशें हैं| गुज़रे लम्हों और उम्मीदों की कश्ती पर सवार, अनंत ही तो हैं इस चंचल मन की आरज़ू… कभी रोकर तो कभी हँसकर ही सही, हर इलज़ाम हमने अपने सर … Read more mann ki aarzoo | मन की आरज़ू

हम अपने सपने में जीते मरते हैं

apne sapno mein हम अपने सपनों में जीते मरते हैं

हम अपने सपने में जीते मरते हैं हम अपने सपने में जीते मरते हैं पर ये तो हमारी किस्मत ही बताएगी कि कौन किसके पनाह में है… सपने होते हैं परछाई से जो रात ढ़लते आते हैं और दिन चढ़ते लुप्त हो जाते हैं, पर जाते-जाते मन में एक अजीब सी कसक छोड़ जाते हैं कभी न … Read more हम अपने सपने में जीते मरते हैं

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