अतिथि Post: Sarita Pandey, आज की नारी

अतिथि Post: Sarita Pandey, आज की नारी बार-बार वही पर, हर बार नही सुनो ,ऐ दुनियावालोंं ये, अत्याचार इस बार नही। लड जाऊँँ तूफानोंं से, टकरा जाऊँँ चट्टानोंं से समझ जाओ, इतनी भी अब मैंं लाचार नही कर लो भरोसा, “आज की नारी “हूँँ इतनी भी कमजोर नही,लगते लांंछन हर पल मर्यादाओंं का उल्लंंघन , … Read more अतिथि Post: Sarita Pandey, आज की नारी

इस मतलबी दुनिया में मैने रिश्तों को बदलते देखा है

मैने रिश्तों को बदलते देखा है

इस मतलबी दुनिया मेँ मैने रिश्तों को बदलते देखा है इस मतलबी दुनिया मेँ, मैने रिश्तों को बदलते देखा है दोस्तों को नहीं मैने तो इश्क को भी बिकते देखा है… क्यों खाते हैं  लोग कसमें जब उनहोने वादों को टूटते देखा है कुछ पाने के लिए अरमानों का गला घुटते देखा है, शायद इसे कहते … Read more इस मतलबी दुनिया में मैने रिश्तों को बदलते देखा है

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