सिर्फ तू

सिर्फ तू

सिर्फ तू एक भीनी भीनी सी महक आज भी मेरे साँसों में है तेरे तसव्वुर का असर आज भी सलामत मेरे ज़ेहन में है… तड़प उठता है दिल, तुझे अक्सर तन्हाई में याद करके खामोश … Read more

लम्हें

लम्हें

रंजीता नाथ घई लम्हें शायद ही हम कोई ऐसा लम्हा जीए जाते हैं, जो तुम्हारी याद से वाबस्ता ना हो, दिल की धड़कन से साँसों तक की मंजिल में, हर मोड़ पर हम, तुम्हारे ही … Read more

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