आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ

आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ

-रंजीता नाथ घई आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ… आज फिर उस मोड़ पर मुड़ना हुआ  जब रखा था पहला कदम मैंने इस देहलीज़ पर….. मन में डर और एक अजीब  सी बेचैनी थी, नए थे गलियारे…

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समय का पहिया

समय का पहिया

समय का पहिया आपके साथ बिताये पलों को हम हमेशा याद करेंगे चले जाने पे भी जो टूटे नहीं वही तो दिलों का रिश्ता है| एक पंछी हूँ जहाँ उसका ठिकना है कुछ पल गम के और, अनेक…