Zindagi Ka Sabak | ज़िन्दगी का सबक

zindagi ka sabak ज़िन्दगी का सबक

Zindagi Ka Sabak | ज़िन्दगी का सबक सीखा है ज़िन्दगी का सबक कुछ इस तरह, अपनों ने दिए जख्म और मलहम गैर लगा रहे हैं, ता-उम्र के वादे करके दो पल साथ बैठने की गुजारिश भी नहीं, किसको कहे अपना यहाँ, जब अपने ही नजरें फेरे जा रहे हैं..!! ढूँढेंगी नजरें जब इस काफिर को, … Read more Zindagi Ka Sabak | ज़िन्दगी का सबक

अतिथि Post: सईद सबा उर रहमान- ‘आतिफ’ द्वारा निर्मित गज़ल

अतिथि Post सईद सबा उर रहमान- 'आतिफ' द्वारा निर्मित गजल

Aatif: Zindagi Se Mohabbat Ho Gayi Hai/आतिफ: ज़िन्दगी से मोहब्बत हो गयी है Tujhse Mohabbat Karke Zindagi se Mohabbat ho gayi hai, Shaam to Roz hoti thi Par ab kitni Khoobsurat ho gayi hai. Yun to Ab Tak nahi kar saka tha Mere Dil pe Hukumat Koi, Par  Aaj  is  Dil  Pe  kisi  Ki  Hukumat … Read more अतिथि Post: सईद सबा उर रहमान- ‘आतिफ’ द्वारा निर्मित गज़ल

एक सवाल

एक सवाल

एक सवाल उन्हें मस्रूफ़िअत से फुरसत नहीं हमें इंतज़ार की आदत सही गुज़र गया आज का दिन भी रोज़ की तरह ना उनको फुर्सत मिली ना ख़याल आया * बेइंतहा उन्हें चाहने की बेबसी मेरी कुछ किस्मत बुरी, तो कुछ वक्त ही बुरा सा है… याद करते नहीं, तो याद आते ही क्यूँ हो ख्यालों में … Read more एक सवाल

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