mann ki aarzoo | मन की आरज़ू

mann ki aarzoo मन की आरज़ू

mann ki aarzoo | मन की आरज़ू झूटी कसमें… टूटे वादे बिखरे ख्वाब, अधूरे सपने, नादान सी हसरतें, कुछ मचलती ख्वाहिशें; और फिर वही रंजिशें हैं| गुज़रे लम्हों और उम्मीदों की कश्ती पर सवार, अनंत ही तो हैं इस चंचल मन की आरज़ू… कभी रोकर तो कभी हँसकर ही सही, हर इलज़ाम हमने अपने सर … Read more mann ki aarzoo | मन की आरज़ू

Don`t copy text!