उम्मीदों की खिड़की | कभी अगर मैं रूठ जाऊं | खोजने से मिल जाता है

उम्मीदों की खिड़की | कभी अगर मैं रूठ जाऊं | खोजने से मिल जाता है

उम्मीदों की खिड़की | कभी अगर मैं रूठ जाऊं | खोजने से मिल जाता है उम्मीदों की खिड़की सदैव ले आती है रोशनी की किरणमुर्दों में भी जान आ जाती है ,आकाशी ताकतें करवटें लेने … Read more

अपनी क्षमता को तो तुम जानो, हर एक दोस्त जरूरी होता है

अपनी क्षमता को तो तुम जानो | हर एक दोस्त जरूरी होता है

अपनी क्षमता को तो तुम जानो | हर एक दोस्त जरूरी होता है क्यों घबराते होक्यों हार मानते होएक कदम बढ़ाकरअपनी क्षमता को तो तुम जानो।– Anita Gupta नहीं कभी पथभ्रमित होनाआत्म साक्षात्कार करो,क्षण मात्र … Read more